बारिश कम होने पर सिंचाई और तापमान बढ़ने पर घरेलू बिजली खपत दोनों बढ़ सकती हैं। इस दोहरे दबाव में वितरण व्यवस्था, ट्रांसफार्मर और कृषि फीडर की तैयारी महत्वपूर्ण हो जाती है। किसानों और घरों को समय पर सूचना मिले तो वे खपत और काम की योजना बेहतर बना सकते हैं।\n\nविभागों के बीच समन्वय से शिकायतों का समाधान तेज हो सकता है। हरियाणा समाचार बिजली मांग, मौसम और कृषि प्रभाव को एक साथ समझाकर रिपोर्ट करेगा।
बिजली, बारिश और खेती एक-दूसरे से जुड़े मुद्दे हैं

