हर साल बारिश के बाद कुछ शहरों में जलभराव होना केवल मौसम की समस्या नहीं, शहरी योजना की भी परीक्षा है। नालों की क्षमता, निर्माण से बंद जलमार्ग, सड़क की ऊंचाई और पंपिंग व्यवस्था तय करती है कि पानी कितनी जल्दी निकलेगा।\n\nतत्काल पंप चलाने के साथ नगर निकायों को जलनिकासी का नक्शा, सफाई का रिकॉर्ड और संवेदनशील स्थानों की सार्वजनिक सूची तैयार करनी चाहिए। नागरिकों को भी कचरा नालों में न डालने और जोखिम वाले मार्गों की सूचना देने में सहयोग करना होगा।\n\nहरियाणा समाचार राहत के साथ दीर्घकालिक सुधार पर भी नजर रखेगा।
हरियाणा के शहरों में जलभराव से निपटने की स्थायी योजना चाहिए

