मानसून में कुछ दिनों का विराम और फिर सक्रिय बारिश हरियाणा के किसानों के लिए खेती की योजना बदल सकता है। बुवाई, सिंचाई, खाद डालने और फसल की सुरक्षा के फैसले बारिश की मात्रा और समय पर निर्भर करते हैं। मौसम विभाग का पूर्वानुमान तभी उपयोगी है जब वह गांव और फसल के स्तर पर समझ में आए।\n\nकिसानों को खेत में पानी भरने, तेज हवा और रोग फैलने की आशंका के लिए स्थानीय कृषि सलाह लेनी चाहिए। प्रशासन को भी मौसम सूचना कृषि विभाग और मंडियों तक पहुंचानी चाहिए।\n\nहरियाणा समाचार पूर्वानुमान को किसानों की वास्तविक जरूरतों और उपलब्ध सलाह से जोड़ेगा।
मानसून की चाल किसानों के फैसलों को कैसे प्रभावित करती है

